Wednesday, August 27, 2008

दिल के मरीज़ों को मिल सकती है राहत

वैज्ञानिक भ्रूण ऊतक के एक हिस्से से दिल की कोशिकाएँ बनाने के नज़दीक पहुँच गए हैं. इससे दिल के मरीज़ों का इलाज़ आसान हो सकता है. कनाडा, अमरीका और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने भ्रूण से ली गईं स्टेम सेल से मानव हृदय की तीन तरह की कोशिकाओं को विकसित किया है. जब इन कोशिकाओं को एक बीमार चूहे में प्रत्यारोपित किया गया तो पाया गया कि उसके हृदय में उल्लेखनीय सुधार आया है. खोजाशोध के नतीज़ों को विज्ञान के मशहूर जर्नल “नेचर” में प्रकाशित किया गया है. शोधकर्ताओं ने इन कोशिकाओं को भ्रूण की कोशिकाओं से विकसित किया. स्टेम सेल में सही समय पर सही वृद्धि कारकों की आपूर्ति कर वैज्ञानिकों ने तीन अलग-अलग तरह की अपिरपक्कव हृदय कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित किया. वैज्ञानिकों ने कार्डियोमायोसाइट्स, इंडोथीलियाल कोशिका और खून प्रवाहित करने वाली कोशिकाओं को स्टेम सेल से विकसित किया. ये तीनों कोशिकाएँ मानव हृदय के अहम घटक हैं.कनाडा के टोरंटो शहर स्थित मैक इवन सेंटर फॉर रिजनरेटिव मेडिसीन के डॉक्टर गॉर्डेन केलर ने बताया कि इन कोशिकाओं के निर्माण का मतलब यह हुआ कि हम दक्षता के साथ विभिन्न तरह के हृदय कोशिकाओं का निर्माण कर सकते हैं. इनका हम प्राथमिक और चिकित्सकीय शोध में उपयोग कर सकते हैं. हृदय की होगी मरम्मतइस महत्वपूर्ण शोध का लाभ यह होगा कि ये कोशिकाएं कैसे विकसित होती हैं, कैसे काम करती हैं और विभिन्न तरह की दवाओं के साथ कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, यह जानने के लिए इन कोशिकाओं की अधिकाधिक आपूर्ति कर सकते हैं. भविष्य में कोशिकाएं हार्ट अटैक जैसी स्थिति में क्षतिग्रस्त हृदय कोशिकाओं की मरम्मत करने में काफ़ी मददगार साबित होंगी.ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के संयुक्त निदेशक जर्मी पियर्सन ने कहा कि यह शोध इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हम उस दिन के करीब पहुंच रहे जब किसी मरीज़ के हृदय की क्षितग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में स्टेम सेल का सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाएगा.

1 comment:

Mrs. Asha Joglekar said...

Thanks for sharing this information.